NGO kya hai in Hindi & NGO full form in Hindi

आज के आर्टिकल में NGO kya hai in Hindi से सम्बंधित जानकारी अपने readers को बताने वाले हैं, यहाँ पर हम बताएँगे कि NGO क्या है, कैसे काम करता है, क्या उद्देश्य होते हैं तथा NGO को कैसे स्थापित करें ? आपने भी कई बार NGO शब्द अवश्य सुना होगा और आपको इससे सम्बंधित जानकारी जानने की इच्छा अवश्य हुई होगी, तो आज हम आपकी इच्छा पर काम करते हुए इससे सम्बंधित हर प्रकार की जानकारी देने का प्रयास करेंगे | यदि आप interested हैं तो इस आर्टिकल को अंत तक जरूर पढ़ें |

NGO Full Form in Hindi 

Non Government Organization (गैर सरकारी संगठन)

NGO के उद्देश्य

किसी भी NGO का मुख्य उद्देश्य उन सभी लोगों की सहायता करना होता है जो खुद से कोई काम करके पैसा कमाने में सक्षम नहीं होते हैं जैसे कि अनाथ बच्चे, बुजुर्ग, अपाहिज इत्यादि और साथ ही साथ एक NGO के कई उद्देश्य होते हैं जिन्हें हम आगे के आर्टिकल में जानेंगे |

NGO (Non Government Organization) प्रत्येक क्षेत्र में हो सकते हैं जैसे चिकित्सा, शिक्षा, मानवता के क्षेत्रों में कई NGO’s कार्यरत हैं और प्रत्येक के उद्देश्य उनके क्षेत्रों के अनुसार अलग अलग हैं | जैसे शिक्षा के क्षेत्र में कार्यरत NGO’s का उद्देश्य होता है कि कोई भी बच्चा, बड़ा या बूढा अनपढ़ ना रहे इसलिए कई एनजीओ के माध्यमों से शिक्षा का प्रचार कर उन्हें शिक्षा प्रदान की जाती है |

यदि बात की जाए चिकित्सा के क्षेत्र की तो इस क्षेत्र में कार्यरत सभी एनजीओ का उद्देश्य होता है कि प्रत्येक उस निर्धन या असहाय के लिए मुफ्त दवाइयों, मुफ्त इलाज इत्यादि का इंतजाम कराया जाए |

इसी प्रकार कई NGO महिलाओं के लिए कार्यरत होते हैं जिनका उद्देश्य होता है कि वे हर उस महिला को खुशी दे सकें जो अकेली हैं, असहाय है तथा कोई भी काम करने में सक्षम नहीं हैं, बुजुर्ग भी इसी श्रेणी में आते हैं |

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NGO kya hai in Hindi

NGO kya hai in Hindi ?

NGO जिसकी फुल फॉर्म Non Government Organization है और आप इसके नाम से ही पता लगा सकते हैं कि यह एक निजी संगठन होता है जिसमें सरकार की किसी भी प्रकार की भागीदारी नहीं होती है | किसी भी NGO को चलाने के पीछे का मुख्य उद्देश्य सामजिक कार्यों को करना होता है |

NGO पर हर उस असहाय की सहायता की जाती है जो कि स्वमं से अपना जीवन व्यतीत करने में असमर्थ होते हैं | ये सभी लोग बूढ़े, बच्चे, जवान, पुरुष, महिलाएं कोई भी हो सकते हैं |

NGO kya hai in Hindi – NGO कोई एक individual नहीं है यह समूह होता है कई लोगों का जो सामाजिक कार्यों को करने की इच्छा रखते हैं , जिससे उन्हें ख़ुशी मिलती है  तथा अपनी कमाई का कुछ हिस्सा दान में देते रहते हैं |

NGO कैसे काम करते हैं ?

जैसा कि ऊपर बताया ही गया है कि एनजीओ कोई individual नहीं है यह एक समूह होता है कई लोगों का जिनका उद्देश्य अन्य लोगो की सहायता करना होता है इसलिए किसी भी NGO से कोई भी व्यक्ति जुड़ सकता है और उसके माध्यम से किसी जरूरतमंद की सहायता कर सकता है |

कई NGO ऐसे होते हैं जिनके पास एक permanent address होता है और वे वहीँ पर रहकर जरूरतमंद की सहायता करते हैं, प्रत्येक जरूरतमंद स्वमं उनके पास जाता है और अपनी परेशानियाँ बताकर वहां रह जाता है तथा वहां रहकर वहां के काम धाम करता है और कई NGO ऐसे होते हैं जिनका कोई permanent address नहीं होता है, इस प्रकार के NGO worker ऐसे लोगों की तलाश करते हैं जिन्हें मदद की आवश्यकता है |

कुछ सराहनीय कार्य जो NGO’s द्वारा किये जाते हैं –

  • दूर के गाँव जहाँ पर शिक्षा प्रणाली ठीक नहीं है वहां जाकर बच्चों को शिक्षा प्रदान करना
  • बुजुर्गों के पास जाकर उनकी समस्याओं को सुनना तथा उनका निवारण करना
  • महिलाओं को आत्मनिर्भर बनाने के लिए तरह तरह के प्रयास करना
  • दूर-दूर जाकर महिलाओं को उनकी सुरक्षा के लिए ट्रेनिंग देना ताकि वे मुसीबत में स्वमं की रक्षा कर सकें
  • निर्धनों के घर घर जाकर उनके राशन पानी के लिए आर्थिक मदद करना
  • Medical Camps लगाकर गरीब लोगों का मेडिकल checkup करना तथा जरुरत होने पर उन्हें दवाइयां उपलब्ध करवाना

NGO के लिए रजिस्ट्रेशन कैसे करें या NGO को स्थापित कैसे करें ?

अभी तक आप यह तो समझ ही गए होंगे कि एनजीओ क्या है (NGO kya hai in Hindi) और किसी एनजीओ के क्या उद्देश्य होते हैं | अब हम बताएँगे कि किसी NGO को कैसे स्थापित किया जाता है |

NGO को स्थापित करने या फिर इसके लिए रजिस्ट्रेशन करने से पहले आपको यह जान लेना चाहिए कि किसी NGO का रजिस्ट्रेशन 3 अधिनियमों के अन्तर्गत हो सकता है |

  1. भारतीय ट्रस्ट अधिनियम 1982
  2. सोसाइटी अधिनियम 1860
  3. कम्पनी अधिनियम 2013

ट्रस्ट एक्ट 1982 भारत के अलग-अलग राज्यों में होता है परन्तु यदि किसी राज्य में Trust अधिनियम नही है तो उस राज्य में 1882 ट्रस्ट एक्ट लागू होता है। इस अधिनियम के अंतर्गत कम से कम दो Trustees होना जरुरी है।

अगर इस अधिनियम के तहत NGO का रजिस्ट्रेशन करना है तो आपको Charity Commissioner या Registrar के ऑफिस में जाकर आवेदन देना होता है । Trust Act के अंतर्गत NGO Register करने के लिए आपको Deed Document (विलेख दस्तावेज) की आवश्यकता पड़ेगी |

Society अधिनियम 1860 के तहत NGO को सोसाइटी के रूप में रजिस्टर किया जाता है। लेकिन कुछ राज्यों जैसे- महाराष्ट्र इत्यादि में सोसाइटी अधिनियम के तहत NGO को Trustee के तौर पर भी Registered किया जा सकता है।

सोसाइटी एक्ट में रजिस्ट्रेशन करने के लिए ‘Memorandum Of Association And Rules And Regulation Document’ लगाया जाता है। इस डॉक्यूमेंट को बनाने के लिए कम से कम 7 सदस्यों की आवश्यकता होती है |

कम्पनीज एक्ट 2013 के अंतर्गत NGO का रजिस्ट्रेशन करने के लिए ‘Memorandum And Articles Of Association And Regulation Document’ की आवश्यकता होती है।

इस दस्तावेज को बनाने के लिए किसी भी प्रकार के स्टाम्प पेपर की जरुरत नही होती है और यह दस्तावेज बनाने के लिए कम से कम तीन सदस्यों का होना जरूरी है।

यह आप पर निर्भर करता है कि आप NGO को किस अधिनियम के तहत पंजीकृत करवाना चाहते हैं | NGO के रजिस्ट्रेशन को करवाने से पहले आपका vision, mission और objective clear होना चाहिए और आपका उद्देश्य यह होना चाहिए कि आप NGO को आधार बनाकर हर उस जरूरतमंद की सहायता करेंगे जो स्वमं के जीवन यापन के लिए सक्षम नहीं है |

दस्तावेज सूची – 

  • Id Proof (Voter Id/ Aadhar Card)
  • Passport
  • Registered Office Address Proof
  • Affidavit from President
  • Trust Deed/Memorandum of Association
  • Rules and Regulation/Memorandum
  • Articles of Association Regulation

NGO को पंजीकृत करवाने के लिए आपको उपरोक्त सभी दस्तावेजों को चैरीटेबल ट्रस्ट के मुख्यालय में जमा करवाना होता है जहाँ से verification किया जाता है तथा आपका इंटरव्यू लिया जाता है | यदि आप अपने इंटरव्यू में खरे उतरते हैं और आपके सभी दस्तावेज ठीक हैं तो आपके NGO का रजिस्ट्रेशन सफलतापूर्वक कर दिया जाता है |

NGO के पंजीकरण के बाद आपको अपने NGO के नाम से सम्बंधित पैन कार्ड बनवाना होगा तथा एक बैंक अकाउंट खुलवाना होता है | खाता खुलवाने के पीछे का उद्देश्य यह होता है की यदि कोई व्यक्ति आपको डोनेशन देना चाहता है तो आप वह डोनेशन अपने personal खाते में नहीं ले सकते हैं उसके लिए आपके पास NGO का खता होना अति आवश्यक है |

Types of NGO in Hindi

  1. Bingo (Business Friendly International NGO)
  2. Engo (Environmental NGO)
  3. Gongo (Government-organized Non-governmental Organization)
  4. Ingo (International NGO)
  5. Quango (Quasi-autonomous NGO)

Best NGO of India

उम्मीद करते हैं कि उपरोक्त जानकारी जो कि NGO kya hai in Hindi से सम्बंधित है आपको पसंद आई होगी, यदि आप भी चाहते हैं कि NGO से सम्बंधित यह जानकारी अधिक से अधिक लोगों तक पहुंचे तो इस आर्टिकल को अवश्य शेयर करें | आर्टिकल को शेयर करने के लिए आप किसी भी social media platform का प्रयोग कर सकते हैं |

 

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