P V Sindhu Biography in Hindi : पी वी सिंधु बनी 2 ओलंपिक पदक जीतने वाली पहली (1st) भारतीय महिला

P V Sindhu in tokyo olympics

P V Sindhu Biography in Hindi

Highlight : सुशील कुमार के बाद दो ओलंपिक पदक जीतने वाली पहली भारतीय महिला

भारतीय बेडमिन्टन स्टार पी वी सिंधु अब सुशील कुमार के बाद दो ओलंपिक पदक जीतने वाली पहली भारतीय महिला और दूसरी भारतीय बन गयी हैं, क्योंकि उन्होंने टोक्यो ओलंपिक 2020 में बैडमिंटन महिला एकल में  कांस्य पदक के लिए चीन की ही बिंग जिओ को 21-13, 21-15 से हराया है । रियो 2016 में रजत पदक जीतने के बाद पीवी सिंधु ने यह दूसरा ओलंपिक पदक जीता है |

आज के लेख में हम अपने पाठकों को पी वी सिंधु के जीवन परिचय (P V Sindhu Biography in Hindi) के बारे में जानकारी देने वाले है, यदि आप पी वी सिंधु के बारे में विस्तारपूर्वक जानना चाहते हैं तो इस लेख को अन्त तक जरूर पढ़ें |

नाम  पी वी सिंधु
पूरा नाम  पुसरला वेंकट सिंधु
जन्मतिथि  5 जुलाई 1995
आयु  26 वर्ष (2021 के अनुसार)
जन्मस्थान  हैदराबाद, आंध्र प्रदेश
गृहनगर  हैदराबाद, आंध्र प्रदेश, भारत
शैक्षणिक योग्यता  एम् बी ए
धर्म  हिन्दू
रास्ट्रीयता भारतीय

पी वी सिन्धु का प्रारम्भिक जीवन (P V Sindhu Biography in Hindi)

पी वी सिंधु का जन्म 5 जुलाई 1995 को आंध्र प्रदेश की राजधानी हैदराबाद में हुआ था| इनके पिता का नाम पी.वी. रमण और माता का नाम पी. विजया है तथा इनके माता पिता दोनों ही बहुत अच्छे वॉलीबॉल खिलाड़ी रह चुके हैं | उनके पिता  ने 1986 के सियोल एशियाई खेलों में कांस्य पदक जीता था और वर्ष 2000 में इनके पिता जी को अर्जुन पुरस्कार से भी सम्मानित किया जा चुका है | महज 8 वर्ष की आयु से ही सिंधु ने बेड मिन्टन का प्रशिक्षण लेना प्रारम्भ कर दिया था और बचपन से ही सिंधु को कड़ी मेहनत करते हुए देखा गया है |

यह भी जानिये : Pranati Nayak Biography in Hindi || भारतीय जिमनास्ट प्रणति नायक की जीवनी

यह भी जानिये : Priya Malik Wrestler Biography in Hindi : ओलम्पिक में पहला (1) स्वर्ण पदक जीतकर भारत का नाम किया रोशन

P-V-Sindhu-Biography-in-Hindi

सिंधु की बचपन से आज तक का सफ़र काफी प्रेरणादायक रहा है क्योंकि इस खेल को खेलते खेलते पी वी सिंधु ने अपने त्याग, समर्पण, जुनून और हौसले के कई उदाहरण दिए हैं | जैसा कि इनके माता पिता दोनों ही वॉलीबॉल के अच्छे खिलाड़ी रह चुके हैं फिर भी वे दोनों अपनी पुत्री सिंधु को उस खेल के प्रति आकर्षित नहीं कर पाए | अन्तत: पी वी सिंधु ने बेड मिन्टन के खेल को चुना था इसका मुख्य कारण यह था कि सिन्धु पुलेला गोपीचंद की सफलता से बहुत प्रभावित हुई थीं क्योंकि पुलेला गोपीचंद साल 2001 में आल इंग्लैंड ओपन बैडमिंटन चैंपियन थे |

कैसे हुई पी वी सिंधु की बेडमिन्टन प्रशिक्षण की शुरुआत ?

P V Sindhu Biography in Hindi : सिंधु की बेडमिन्टन के प्रशिक्षण की शुरुआत सिकंदराबाद से हुई थी यहाँ पर इन्होने प्रशिक्षण हेतु  इंडियन रेल्वे इंस्टिट्यूट ऑफ़ सिग्नल इंजीनियरिंग एंड टेलीकम्यूनिकेशन में दाखिला लिया था यहाँ पर इनके गुरु महबूब अली थे | कुछ ही समय बाद इन्होने पुलेला गोपीचंद (Pullela Gopichand) की बेडमिन्टन अकादमी में दाखिला ले लिया और यहाँ पर इनके कोच पुलेला गोपीचंद रहे जो सिंधु के साथ साथ खुद भी बहुत मेहनत किया करते थे |

यह भी जानिये : Mirabai Chanu Biography in Hindi :ओलंपिक में सिल्वर मैडल जीतने वाली भारत की 1st भारोत्तोलन खिलाड़ी

गोपीचंद बताते हैं कि सिंधु अपने खेल के प्रति बहुत जिम्मेदार थी और कड़ी मेहनत किया करती थी | कैंप तक आने के लिए उन्हें प्रतिदिन लगभग 60 किलोमीटर का सफ़र तय करना पड़ता था, इसके वावजूद भी सिंधु प्रतिदिन समय से पहले ही पहुँच जाया करती थी |

P V Sindhu Medals & Achievements (पी वी सिंधु ने जीते कौन -कौन से पदक और उनकी उपलब्धियां )

पी वी संधु ने बेडमिन्टन खेलने की शुरुआत महज 8 वर्ष से की थी, उन्होंने बचपन से ही कड़ी मेहनत की और खेल जगत में अपना नाम रोशन किया | बचपन से अब तक पी वी सिंधु ने कई मैडल जीते हैं जिनमे से कुछ मुख्य पदकों का विवरण निम्न है |

P-V-Sindhu-Medals-Achievements

  • पीवी सिंधु ने वर्ष 2009 में कोलंबो में आयोजित सब-जूनियर एशियन बैडमिंटन चैंपियनशिप में ब्रॉन्ज मेडल जीतकर भारत का नाम रोशन किया था |
  • 2010 में आयोजित ईरान फज्र अंतर्राष्ट्रीय बैडमिंटन चैलेंज में पी वी सिंधु ने वुमेन्स सिंगल्स कैटेगरी में सिल्वर मेडल जीता 
  • 2011 में पीवी सिंधु ने Douglas Commonwealth Youth Games के सिंगल्स इवेंट मे गोल्ड मैडल जीता और यही इनके करियर का टर्निंग प्वाइंट बना और ये विश्व भर में प्रसिद्ध हो गयीं |
  • साल 2013 में इनके बेहतरीन खेल प्रर्दशन की वजह से इन्हें मलेशियन ओपन में पहला ग्रैंड प्रिक्स गोल्ड खिताब से नवाजा गया था तथा इसी वर्ष इन्हें देश के सर्वोच्च पुरस्कार अर्जुन अवार्ड से भी नवाजा गया था |
  • 2013 और 2014 में बैक टू बैक वर्ल्ड बैडमिंटन चैंपियनशिप में ब्रॉन्ज मेडल जीतने वाली पी वी सिंधु पहली भारतीय बैडमिंटन खिलाड़ी बनी थी।
  • 2016 में रियो ओलंपिक में वूमेंस सिंगल सेमीफाइनल में जापानी खिलाड़ी नोजोमी ओकुहारा को हराकर फाइनल में पहुंचकर सिंधु ने नया इतिहास रचा था और रियो ओलंपिक में सिल्वर मेडल जीतने वाली वे भारत की पहली महिला खिलाड़ी बन गयी थीं |
  • 2017 में दिल्ली में आयोजित इंडिया ओपन सुपर सीरीज में सिंधु ने कैरोलिना मारिन को हराकर नया इतिहास रचा था।
  • 2018 में पी वी सिंधु ने वर्ल्ड बैडमिंटन चैम्पियनशिप में सिल्वर मैडल जीतकर भारत का नाम सम्पूर्ण विश्व में रोशन किया था |
  • 2019 में वर्ल्ड बैडमिंटन चैंपियनशिप में गोल्ड मैडल जीतकर पी वी सिंधु ने नया इतिहास रच दिया था |
  • पी वी सिंधु अब सुशील कुमार के बाद दो ओलंपिक पदक जीतने वाली पहली भारतीय महिला और दूसरी भारतीय बन गयी हैं, क्योंकि उन्होंने टोक्यो ओलंपिक 2020 में बैडमिंटन महिला एकल में  कांस्य पदक के लिए चीन की ही बिंग जिओ को 21-13, 21-15 से हराया है ।

उम्मीद करते हैं कि पी वी सिंधु का जीवन परिचय (P V Sindhu Biography in Hindi)आपको पसन्द आया होगा, आपसे गुजारिश है कि यदि आपको यह लेख पसन्द आया तो इसे ज्यादा से ज्यादा शेयर करें |

टेक्नोलॉजी, कंप्यूटर, बायोग्राफी, अमेजिंग फैक्ट्स तथा how to Queries जानने के लिए आपकी अपनी वेबसाइट http://explanationinhindi.com/ को visit करें, इस वेबसाइट में उपरोक्त विषयों से सम्बंधित हर प्रकार की जानकारी को  हिन्दी भाषा में देने का प्रयास किया जाता है |

Previous articleSonu Sood Biography in Hindi : भारतीय अभिनेता सोनू सूद का जीवन परिचय
Next articleHockey Olympics 2021 : 49 साल बाद भारतीय हॉकी टीम ब्रिटेन को हराकर पहुंची सेमीफाइनल में

1 COMMENT

LEAVE A REPLY

Please enter your comment!
Please enter your name here