Auli Uttarakhand – धरती में स्वर्ग

Auli Uttarakhand सायद ही कोई ऐसा होगा जो घूमने का शौक रखता हो और उसने  auli का नाम ना सुना हो | Auli Uttarakhand का एक छोटा सा हिल स्टेशन है और वेहद ही खूबसूरत है जिस बजह से इसे धरती पर स्वर्ग कहा जाता है | इस आर्टिकल में हम Auli Uttarakhand से सम्बंधित प्रत्येक तरह की जानकारी देने का प्रयास करेंगे, यदि आप भी उत्तराखंड दर्शन का प्लान बना रहे हैं तो एक बार इस आर्टिकल को जरूर पढ़ लें |

Auli Uttarakhand – धरती पर स्वर्ग

उत्तराखंड का खुबसूरत पर्यटन स्थल औली समुद्र तल से 2800 मीटर की ऊँचाई पर स्थित स्कीइंग के लिए दुनिया भर में प्रसिद्ध है | वैसे तो शरद ऋतु में इस स्थान पर प्राकृतिक बर्फ़बारी भारी मात्रा में होती है किन्तु फिर भी यहाँ पर तकनीकी मशीनों द्वारा कृत्रिम रूप से बर्फ बनायीं जाती है | जिसकी बजह से औली हमेशा ही पर्यटकों के लिए आकर्षण का केंद्र बना रहता है |

औली में स्कीइंग का प्रशिक्षण लेने दुनिया भर से लोग यहाँ पर पहुँचते हैं क्योंकि इस तरह के स्कीईंग सेंटर पूरी दुनिया में बहुत कम हैं | ITBP का स्कीईंग प्रशिक्षण केंद्र भी औली में ही स्थित है | यह स्थान चमोली जिले के मुख्य पर्यटन स्थलों में से एक है, तथा स्थानीय लोगों के द्वारा औली को भारत का स्विट्ज़रलैंड कहा जाता है | यहाँ के आसपास का हरा-भरा जंगल प्राकृतिक संपदाओं का भण्डार है |

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Auli Uttarakhand के मुख्य आकर्षण

एशिया का सबसे लम्बा रोपवे

औली में एशिया के सबसे लम्बे रोपवे का उद्घाटन जुलाई 1983 में प्रधानमंत्री इंद्रा गाँधी जी के द्वारा किया गया था | यह रोपवे जोशीमठ से औली तक है, जिसकी लम्बाई 500 मीटर है, और यह रोपवे लगभग 4.5 किलोमीटर की दूरी तय करता है | देवदार के घने जंगलों के बीच से गुजरता हुआ यह रोपवे 10 टावरों से होकर अपनी मंजिल तक पहुँचता है |

auli

इस रोपवे में बैठकर प्रकृति का आनंद लेते हुए अपनी मंजिल (औली) तक कम समय में पहुँचने के लिए 700 से 1000 (राउंड ट्रिप /सीजन अनुसार) रूपए का टिकेट लेना पड़ता है | यकीन मानिये, इतनी कम कीमत देकर आपका इस सफ़र को तय करना आपकी जिन्दगी में एक नए अनुभव का एहसास दिलाएगा |

Artificial Lake (कृत्रिम झील)

औली में स्थित सुन्दर झील प्राकृतिक झील ना होकर तकनीकी मशीनों और इंजीनियरों की मदद से बनायीं हुई आँखों को चौंका देने वाली औली झील (कृत्रिम झील) एक करिश्मा है | यह झील पर्यटकों के लिए हमेशा से ही आकर्षण का केंद्र बनी हुई है | इस कृत्रिम झील द्वारा औली में तकनीक की मदद से कृत्रिम बर्फ बनायीं जाती है | यही कारण है कि उत्तराखंड का यह पर्यटन स्थल अधिकतर इस कृत्रिम झील द्वारा बनायीं गयी कृत्रिम बर्फ की बजह से बर्फ की चादरों से ढका रहता है | यह झील अधिकांश समय बर्फ से घिरी रहती है, इसलिए काफी सुन्दर दिखाई देती है |

हिम क्रीडा स्थल

उत्तराखंड में स्थित यह पर्यटन स्थित औली शीतकालीन हिम क्रीडा स्थल (स्कीइंग) के लिए भी दुनिया भर में प्रसिद्ध है | यहाँ पर वर्ष 2009 में प्रथम दक्षिण एशियाई विंटर गेम्स का आयोजन किया गया था, तथा इसके बाद इस स्थान पर पर्यटकों का आवागमन काफी बढ़ गया | औली में पर्यटक यहाँ की प्राकृतिक सुन्दरता को देखने दूर-दूर से आते हैं | वर्फ से ढका हुआ औली बेहद ख़ूबसूरत प्रतीत होता है |

auli uttarakhand

Auli Hill Station का यह शीतकालीन क्रीडा स्थल इतना ज्यादा प्रसिद्ध है कि स्कीइंग का प्रशिक्षण लेने यहाँ देश-विदेश से लोग आते हैं | औली की बर्फ से ढकी ढलानों की तुलना विशेषज्ञों द्वारा दुनिया के सबसे अछे स्कीइंग ग्राउंड से की गयी हैं, और इसे सर्वश्रेष्ठ में से एक माना गया है | औली के इस हिम क्रीडा स्थल से दूनागिरी पर्वतहरी पर्वतमन पर्वत और नीलकंठ इत्यादि पर्वतों की श्रंखलाओं का मनोरम दृश्य दिखाई देता है | पर्यटक यदि यहाँ आकर स्कीइंग का लुफ्त उठाना चाहते हैं तो 500 – 1000 (सीजन के अनुसार) रुपये देकर इस खेल का आनन्द ले सकते हैं |

औली जाकर कहाँ से लें स्कीइंग गीयर

औली जाकर यदि आप स्कीइंग का लुफ्त ना उठा पायें तो आप स्कीइंग के इस अनुभव से वंचित रह जायेंगे | स्कीइंग के लिए कुछ गीयर्स (स्नो वूट्स, कैप, स्टिक इत्यादि) की आवश्यकता पड़ती है | किन्तु आपको परेशान होने की आवश्यकता नहीं है, क्योंकि स्कीइंग से सम्बंधित सभी गीयर लोकल वेंडर्स द्वारा रेंटल बेसिस पर provide करा दिए जाते हैं |

Best Time to Visit Auli Uttarakhand in Hindi

Auli Uttarakhand एक ऐसा पर्यटन स्थल है, जहाँ का मौसम हमेशा ही सुहावना रहता है | शरद ऋतु में यहाँ भारी बर्फवारी होती है, यदि आप वर्फ का लुफ्त उठाना चाहते हैं, तो जनवरी से मार्च तक का समय उचित है | इस समय स्कीइंग उत्सव और कई चैम्पियनशिप का आयोजन कराया जाता है | हालांकि औली पूरे वर्ष भर बर्फ की चादरों से ढका रहता है, क्योंकि यहाँ पर कृत्रिम झील की सहायता से कृत्रिम बर्फ भी बनायी जाती है |

कैसे पहुंचें औली उत्तराखंड – how to reach Auli Uttarakhand?

By Road (सड़क मार्ग द्वारा)

Auli Uttarakhand पहुँचने के लिए आपको सर्वप्रथम जोशीमठ पहुँचना होता है, जोशीमठ उत्तराखंड के प्रमुख शहरों देहरादून, ऋषिकेश तथा हरिद्वार से अच्छी तरह सड़कों द्वारा जुड़ा हुआ है | जोशीमठ से औली जाने के लिए आप सड़क या फिर रोपवे का प्रयोग कर सकते हैं |

By Train (रेल मार्ग द्वारा)

यदि आप रेल मार्ग द्वारा सफ़र करना पसंद करते हैं तो, औली पहुँचने के लिए निकटतम रेलवे स्टेशन ऋषिकेश या फिर हरिद्वार हैं | आप कहीं से भी जोशीमठ के लिए टैक्सी ले सकते हैं, या फिर स्थानीय बसों का प्रयोग कर सकते हैं | जोशीमठ से औली तक रोपवे द्वारा प्रकृति का आनन्द लेते हुए आसानी से जाया जा सकता है |

By Air (हवाई यात्रा द्वारा)

औली से निकटतम हवाई अड्डा देहरादून का जौलीग्रांट हवाई अड्डा है, जिसकी दूरी औली से लगभग 270 किलोमीटर है | जौलीग्रांट पहुँचने के बाद आप औली के लिए टैक्सी या फिर स्थानीय बसों का प्रयोग कर सकते हैं |

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बद्रीनाथ से कैसे पहुंचे औली – How to Reach Auli from Badrinath in Hindi

यदि आप भगवान् विष्णु जी के दर्शन के लिए बद्रीनाथ जा रहे हैं, तो आपको यहाँ स्थित पर्यटन स्थल औली भी जाना चाहिए, क्योंकि उत्तराखंड का यह पर्यटन स्थल कुछ ही दूरी (लगभग 55 किलोमीटर) पर है | यदि आप यहाँ आते हैं, तो बद्रीनाथ की धार्मिक यात्रा के साथ-साथ आप यहाँ के पर्यटन स्थल औली की प्राकृतिक सुन्दरता को भी निहार पायेंगे |

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उम्मीद करते हैं कि Auli से सम्बंधित उपरोक्त जानकारी आपको पसंद आई होगी और भविष्य में कभी ना कभी यहाँ आने का आप विचार बना रहे होंगे | यदि आपको हमारा यह आर्टिकल पसंद आया हो तो इस आर्टिकल को ज्यादा से ज्यादा शेयर करें, आर्टिकल शेयर करने के लिए आप किसी भी social media platform का प्रयोग कर सकते हैं |

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