Wireless Communication क्या है और Types & History of Wireless Communication

जब हम कभी फ़ोन इत्यादि का इस्तेमाल करते हैं तो कभी ना कभी हमारे दिमाग में यह ख्याल अवश्य आया होगा कि Wireless Communication क्या है, यह कितने प्रकार का होता है (types of Wireless Communication) और इसका क्या इतिहास है ?

तो इन सभी सवालों के साथ आज हम आये हैं इस आर्टिकल को लेकर जहाँ पर आप सभी उपरोक्त जानकारियां जानेंगे और साथ ही साथ जानेंगे कई सम्बंधित जानकारियां जैसे What is short range wireless communication technology called, इसके क्या फायदे है (Advantages of Wireless Communication) इत्यादि |

Wireless Communication एक technical term है जिसे 19वीं सताब्दी में introduce किया गया था और तब से लेकर अब तक इसमें development जारी है | यह एक माध्यम है किसी भी information को एक डिवाइस से दूसरी डिवाइस तक transmission करने का और इस technology में हम किसी भी information को wireless तरीके से एक स्थान से दूसरे स्थान तक पहुंचाते हैं और यह काम electromagnetic waves की सहायता से किया जाता है |

यदि आप Wireless Communication को आसान भाषा में समझना चाहते हैं तो आप अपने घर में पड़े कुछ उपकरणों जैसे मोबाइल फ़ोन, TV remote, GPS receivers, Bluetooth audio devices इत्यादि को देखिये और सोचिये कि ये सभी उपकरण कैसे काम करते होंगे ?

मुझे लगता है कि आज के समय में Technology से सम्बंधित प्रत्येक जानकारी का होना अति आवश्यक है इसलिए मैंने Wireless Communication के बारे में विस्तार में जानने का प्रयास किया लेकिन साथ ही साथ यह सोचा कि जितना मैंने सीखा उतना आप के साथ भी शेयर करूँ इसलिए यह आर्टिकल  लिख रहा हूँ | इस आर्टिकल में हम विस्तारपूर्वक जानेंगे कि Wireless Communication क्या है और इसके क्या फायदे हैं |

यह भी जानिये : What is Technology in Hindi – हिंदी में जानिये टेक्नोलॉजी क्या है, और कितने प्रकार की होती है, तथा टेक्नोलॉजी के लाभ नुकसान क्या हैं?

वायरलैस कम्युनिकेशन क्या है (What is Wireless Communication in Hindi) ?

वह communication या कहें किसी इनफार्मेशन को एक जगह से दूसरी जगह तक पहुँचाने का वह तरीका जिसके लिए wire (तार) का उपयोग ना हुआ हो और information एक जगह से दूसरी जहग ट्रांसमिट हो जाए वायरलैस कम्युनिकेशन कहलाता है | यह टेक्नोलॉजी आज के समय में काफी चलन में है और प्रत्येक जगह इसी का इस्तेमाल करना पसंद किया जा रहा है |

Technical भाषा में समझने का प्रयास करते हैं – जब दो या दो से अधिक सिस्टम या डिवाइस आपस में radio waves जैसे wi-fi के जरिये communicate करें ना कि किसी wire के जरिये तो इस प्रकार के कम्युनिकेशन को वायरलैस कम्युनिकेशन कहा जाता है |

वायरलैस कम्युनिकेशन के लिए मुख्यतः जो wireless network प्रयोग में लाये जाते हैं वे निम्न हैं-

  1. Microwave
  2. Radio Waves
  3. Satellite
  • Microwave waves बहुत high frequency waves होती हैं और बहुत अधिक दूरी तक किसी data को wirelessly ट्रांसमिट करने के लिए इस wave का इस्तेमाल किया जाता है | इस पूरे system में एक transmitter, एक receiver और एक atmosphere होता है | जैसे आपने अपने आसपास बहुत से मोबाइल नेटवर्क के टावर देखे ही होंगे ये सभी टावर वायरलैस कम्युनिकेशन के बहुत अच्छे उदाहरण हैं जो बिना वायर के डेटा को टावर से मोबाइल डिवाइस तक भेजते हैं |
  • घर में प्रयोग की जा रही टीवी जिसमें आप कई तरह तरह के प्रोग्राम्स देखते हैं और रेडियो के माध्यम से गाने या अन्य प्रोग्राम्स सुनते हैं, ये सभी Radio Waves की सहायता से ही हो पाता है | इस तरह की waves निरन्तर audio, video और data को transmit करती रहती हैं | घरों में या अन्य जगह आप इन्टरनेट चलाने के लिए Wi-Fi का प्रयोग करते हैं उसमें भी Radio Waves का प्रयोग होता है |
  • जब वायरलैस कम्युनिकेशन का भौगोलिक एरिया बहुत बड़ा हो तब ऐसे में कम्युनिकेशन के लिए Satellite का प्रयोग किया जाता है | पहले इसमें प्रत्येक जानकारी को धरती से satellite तक भेजा जाता है उसके बाद satellite उसे उसके सही destination पर पहुंचाता है और इस destination की दूरी इतनी ज्यादा होती है कि आम मानव के लिए इसका अंदाजा लगाना भी असंभव होता है |

वायरलैस कम्युनिकेशन का इतिहास (History of Wireless Communication)

सन 1897 में Guglielmo Marconi के द्वारा Wireless Telegraphy का successfully demonstration किया गया था और उस वक़्त उन्होंने EM waves को एक short distance तक भेजा था और यह distance लगभग 100 मीटर थी | यदि बात की जाए प्राचीन समय कि तो उस समय के लिए यह एक आधुनिक आविष्कार था और इस अविष्कार ने radio communication के लिए कई सारे रास्ते खोल दिए थे |

1900 का दौर था जब Trans- Atlantic radio transmission को स्थापित किया गया जहाँ पर Guglielmo Marconi ने एक मैसेज को morse code के form में successfully ट्रांसमिट किया और तब से लेकर अब तक Wireless Technology में काफी सुधार किया गया है | जैसे जैसे टेक्नोलॉजी बढती गयी वैसे वैसे ट्रांसमिशन की range भी बढती गयी |

वायरलैस कम्युनिकेशन कितने प्रकार के होते हैं (Types of Wireless Communication) ?

  1. Television & Radio Broadcasting
  2. Satellite Communication
  3. Cellular Communication
  4. Global Positioning System (GPS)
  5. Infrared Communication
  6. WLAN (Wi-Fi)
  7. Bluetooth
  8. Zig Bee

Television & Radio Broadcasting

वायरलैस कम्युनिकेशन के दौर में जो सबसे पहले इस्तेमाल किया गया वह Television & Radio Broadcasting है और यदि उदाहरण की बात की जाए तो Television & Radio Broadcasting में one side communication होती है जहाँ पर TV और Radio में data को broadcast किया जाता है और user इस data को सुनने और देखने में सक्षम होता है लेकिन इस डाटा को respond नहीं कर सकते हैं |

Satellite Communication

High Range Communication के लिए Satellite Communication का प्रयोग होता है और यह technology दुनिया के एक छोर से दूसरे छोर तक के user को आपस में connect करते रखता है | इस technology में पहले earth surface से satellite तक सूचना भेजी जाती है फिर satellite उन सभी signals को amplify करता है और वह पुनः उसे earth surface के उस receiver तक भेजता है जहाँ पर सूचना जानी होती है |

Cellular Communication

यह सबसे ज्यादा इस्तेमाल होने वाली वायरलैस कम्युनिकेशन टेक्नोलॉजी है और इसके लिए विश्व भर में कई telecom कम्पनियाँ काम कर रही हैं और उन्होंने प्रत्येक जगह अपना network फैलाया हुआ है तथा इन्ही networks की सहायता से हम सभी एक दूसरे से communicate करने में सक्षम हो पाते हैं |

Global Positioning System (GPS)

GPS सॅटॅलाइट कम्युनिकेशन की ही एक sub category है और यह satellite communication की तकनीक पर काम करता है |

Infrared Communication

Infrared वायरलैस कम्युनिकेशन सिस्टम में इनफार्मेशन को communicate करने के लिए IR Radiation का इस्तेमाल किया जाता है | यह एक प्रकार की electromagnetic energy होती है और red light की तुलना में इसकी wavelength थोड़ी ज्यादा होती है | मुख्यतः इसका इस्तेमाल short range communications जैसे TV remote control इत्यादि में होता है |

Who Invented Wireless Communication / Father of Wireless Communication ?

यदि गूगल में यह search किया जाए कि radio का आविष्कार किसने किया है तो आपको जबाब मिलेगा कि Guglielmo Marconi द्वारा radio का आविष्कार किया गया था | 1896 में इन्होने एक रेडियो मैसेज को एक पॉइंट से दूसरे पॉइंट पर भेजा था जिसके लिए इन्हें नोबेल पुरुष्कार से भी सम्मानित किया गया था |

लेकिन सच तो यह है कि भारत में Marconi से कुछ समय पहले ही radio waves का successfully demonstration हो चुका था लेकिन ऐसा करने वाले को कभी क्रेडिट ही नहीं मिला | सिर्फ रेडियो ही नहीं मिलीमीटर वेव्स जो आज की 5 G technology को possible बनाते हैं उन्हें भी जिस वैज्ञानिक ने अपने experiments में use किया था | इस महान वैज्ञानिक का नाम है आचार्य जगदीश चन्द्र बोस जिन्हें Father of Wireless Communication भी कहा जाता है |

Advantage of Wireless Communication in Hindi

Low Cost- इसमें wires, cables इत्यादि एवं अन्य infrastructure की आवश्यकता नहीं पड़ती है जिसकी बजह से इसकी cost काफी कम हो जाती है | Wires का जंजाल ना होने के कारण इसमें समय की भी काफी बचत होती है और यदि इसकी तुलना wire communication से की जाए तो इसकी cost काफी कम होती है |

Mobility – यदि आप इधर से उधर move करते हैं तो भी आप Network से connect रह सकते हैं  और यह इसका main advantage है |

Easy of Installation – वायरलैस कम्युनिकेशन सिस्टम के अन्तर्गत जितने भी डिवाइस होते हैं उन्हें install करना बहुत आसान होता है | तारों का जंजाल ना होने की बजह से आप एक सुरक्षित स्थान खोजते हैं और वायरलैस डिवाइस को वहां रखकर चालू कर देते हैं | इस तरह की सभी डिवाइस अधिकतर Plug & Play होती हैं |

Reliability – वायरलैस कम्युनिकेशन सिस्टम से जुडी सभी devices काफी भरोसेमंद होती हैं क्योंकि इसमें तार का जंजाल नहीं होता है इसलिए इसके failure होने के chances भी काफी कम होते हैं |

Disaster Recovery – Communication के टूटने में प्राकृतिक आपदाओं का मुख्य role होता है क्योंकि प्राकृतिक आपदा किस हद तक नुकसान पहुंचा सकती है इस बात का अंदाजा किसी को नहीं होता है लेकिन वायरलैस कम्युनिकेशन में प्राकृतिक आपदाओं से नुकसान होने की संभावनाएं काफी कम होती हैं | यदि किसी तरह का नुकसान हो भी जाता है तो उसे recover करना भी काफी आसान होता है |

Effect of 5G wireless communication on Human Health

यदि हम वायरलैस कम्युनिकेशन में 5G की बात करें कि 5G वायरलैस कम्युनिकेशन Human Health पर क्या प्रभाव दाल सकता है तो रेडियोफ्रीक्वेंसी विकिरण को लेकर काफी चिंता जताई जा रही है | बताया जा रहा है कि 5 G नेटवर्क शुरू होने पर यह तो confirm है कि मोबाइल टावरों की संख्या अत्यधिक मात्रा में बढ़ेगी जिससे निकलने वाले signals की बजह से स्वास्थ्य ख़राब होने की आशंका जताई जा रही है |

फोर्टिस अस्पताल, नोएडा में कार्डियक सर्जरी विभाग के अतिरिक्त निदेशक वैभव मिश्रा जी ने बताया हैं कि ‘रेडिएशन (विकिरण) शब्द भ्रमपैदा करता है और साथ-साथ भय और गलतफहमी भी पैदा करता है।’ उन्होंने बताया कि विकिरण दो प्रकार के होते हैं-आयनीकृत और गैर-आयनीकृत।

मोबाइल उपकरणों से निकलने वाला विकिरण गैर-आयनीकृत होता है। यह स्वास्थ्य के लिए हानिकारक साबित नहीं हुआ है। लेकिन उन्होंने कहा कि आयनीकृत विकिरण से सावधान रहने की आवश्यकता है।

यह भी जानिये : What is 5G Technology in Hindi 

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उपरोक्त आर्टिकल में आपने वायरलैस कम्युनिकेशन से सम्बंधित कई जानकारियां जैसे वायरलैस कम्युनिकेशन क्या है ? वायरलैस कम्युनिकेशन का इतिहास, वायरलैस कम्युनिकेशन के प्रकार, Who Invented Wireless Communication / Father of Wireless Communication ? तथा Effect of 5G wireless communication on Human Health प्राप्त की और हम उम्मीद करते हैं कि उपरोक्त सभी जानकारियां आपको पसंद आई होंगी |

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