What is 5G Technology in Hindi – हिंदी में जानिये सम्पूर्ण जानकारी

इन्टरनेट की दुनिया में 1G, 2G और 3G के बाद जैसे ही 4 G ने कदम रखा था, वैसे ही मनुष्य के जीवन में काफी बदलाव आये थे, मनुष्य 4G नेटवर्क के द्वारा दी जाने वाली इन्टरनेट स्पीड से कई कार्य करने में सक्षम हो पाया था | अब 4G के बाद जल्द ही भारतीय लोगों को एक बहुत बड़ी खुसखबरी 5G के रूप में मिलने वाली है | यह कहना बिल्कुल उचित होगा कि US, CHINA और DUBAI के बाद जल्द ही भारत में अब 5G का दौर आने वाला है , और इस दौर में आप जल्द ही भारत के नए रूप को देख पायेंगे |

क्या है 5G Technology?

What is 5G technology in hindi – आज के समय में इन्टरनेट प्रत्येक व्यक्ति के जीवन का हिस्सा हो गया है, क्योंकि मनुष्य का आधा काम तो इन्टरनेट की वजह से ही आसान हो जाता है, इसलिए हर कोई चाहता है कि उसे इन्टरनेट की तेज स्पीड मिले | इन्टरनेट की पीढ़ी के साथ- साथ इन्टरनेट की स्पीड भी तेजी से बढती जा रही है | भविष्य में आने वाली इन्टरनेट की पाँचवी पीढ़ी (fifth generation / 5G) बड़ी ही कमाल होने वाली है, इसमें आपको तेज स्पीड तो मिलेगी ही,किन्तु तेज स्पीड के साथ साथ 5G नेटवर्क कई नए फीचर्स के साथ भारत में लांच होने वाला है |

What is Technology in Hindi

5G टेक्नोलॉजी की मदद से स्मार्ट डिवाइसों में बढ़ोत्तरी होने वाली है, क्योंकि इस टेक्नोलॉजी में प्रयोग होने वाले नेटवर्कों की स्पीड इतनी ज्यादा तेज होगी कि कोई भी स्मार्ट डिवाइस आसानी से काम कर पाएगी, और इस टेक्नोलॉजी की ख़ास बात यह है कि 5G नेटवर्क Low Latency के साथ लांच होगा, जिसकी बजह से प्रोसेस में delay कम हो जायेगा | इसका मतलब यह है कि इस नेटवर्क की स्पीड इतनी ज्यादा तेज होगी कि वह पलक झपकते ही कई GB डेटा डाउनलोड करने में सक्षम होगा |

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तेज स्पीड होने की बजह से 5G नेटवर्क का प्रयोग Self Driven Car (स्वचालित कार) में भी किया जाएगा और कई कारें इस नेटवर्क की मदद से बिना ड्राईवर के सड़कों में तेज स्पीड में भी चलने में सक्षम हो पाएंगी | इसके पीछे की तकनीक यह है कि ये सभी कारें 5G नेटवर्क की मदद से एक दूसरे के साथ जुडी रहेंगी तथा सिग्नलों की मदद से आपस में एक दूसरे से बात कर पाएंगी, तथा अपनी real time information एक दूसरी कारों के साथ शेयर कर पाएंगी |

कैसे काम करेगा 5G Network ?

आमतौर पर आपने देखा ही होगा कि घरों में एक ही wi-fi से अनेक डिवाइसें चलती हैं, तो नेटवर्क की स्पीड सभी डिवाइसों में बंटने के कारण स्पीड कम हो जाती है, और यदि बाकी डिवाइसों को बंद करके एक या दो डिवाइसें चलायी जाएँ तो स्पीड बढ़ जाती है | किन्तु अब 5G नेटवर्क आने के बाद यूजर को इस समस्या का सामना नहीं करना पड़ेगा |

5G नेटवर्क में जो मोर्डम प्रयोग में लाया जाने वाला है, वह लगभग 20 गीगा हर्ट्ज़ से 70 गीगा हर्ट्ज़ तक का होगा, जो कि पुराने फ़ोनों में प्रयोग होने वाले मोर्डमों से काफी एडवांस होगा |

सम्पूर्ण भारत में 5G नेटवर्क के लिए टावरों का एक जाल बिछाया जाएगा, जिनकी मदद से 5G सिग्नलों को यूजर के मोबाइल तथा अन्य डिवाइसों तक पहुँचाना आसान होगा | इसमें प्रयोग होने वाले टावरों का साइज़ इतना छोटा होगा कि उन्हें कहीं भी लगाया जा सकेगा | जैसे कि उस टावर को बिजली के खम्बों, पेंड़ों, घरों के दीवारों तथा छतों इत्यादि में कहीं भी लगाया जा सकेगा |

टावरों की संख्या अधिक होने के कारण नेटवर्क की क्षमता बढ़ जायेगी, और इससे पहले की तरह signal होते हुए भी कॉल ना लग पाने की समस्या दूर हो जाएगी |

5G नेटवर्क की स्पीड इतनी तेज कैसे है ?

5G नेटवर्क की स्पीड तेज होने का कारण यह है कि 5G network मिलीमीटर वेव पर कार्य करता है, तथा यह एक प्रकार की radio frequency है, जो कि बहुत high frequency है | मिलीमीटर वेव की रेंज 300 से 400 मीटर तक होती है |
24 गीगा हर्ट्ज़ से 300 गीगा हर्ट्ज़ की high frequency को हाई- बैंड माना जाता है, और इसे ही मिलीमीटर वेव कहा जाता है | 5G नेटवर्क मिलीमीटर वेव का प्रयोग करके ही यूजर तक तेज़ स्पीड पहुँचाने में सक्षम हो पाया है |

5G Technology (Network) के क्या फायदे हैं ?

Advantage of 5G network in hindi – 5G नेटवर्क का low latency time 1 मिली सेकेंड है, जो कि इस नेटवर्क की मुख्य विशेषता है | Low latency होने की बजह से 5G नेटवर्क खुद को सभी नेटवर्कों से अलग बनाता है, तथा इसकी यह विशेषता कई क्षेत्रों के लिए फायदेमंद भी साबित होगी |

  • Low latency time होने की बजह से 5G नेटवर्क Self driven cars में भी प्रयोग किया जाएगा, जिसकी वजह से वाहनों द्वारा होने वाली दुर्घटनाओं में भी काफी कमी आएगी | 5G टेक्नोलॉजी की मदद से स्वचालित गाड़ियाँ सिग्नलों की मदद से एक दूसरे से बात कर पाएंगी, और real time deta को एक दूसरे के साथ शेयर कर सकेंगी | इससे यह होगा कि यदि एक कार दूसरी कार की तरफ असंतुलित होकर तेजी से आ रही होगी, तो सामने वाली कार उस खतरे को महसूस करके स्वमं अपना बचाव कर पायेगी, और बड़ी दुर्घटना होने से बच जायेगी |
  • विशेषज्ञों का मानना है कि मेडिकल टेक्नोलॉजी में 5G नेटवर्क का प्रयोग वरदान साबित होने वाला है | इस क्षेत्र में प्रयोग होने वाली स्वचालित मशीने जब 5G नेटवर्क के साथ जुड़ेंगी, तो वे सभी मशीनें real time में कार्य कर पाएंगी | इसका मतलंब यह है कि टेक्नोलॉजी की मदद से एक एक्सपर्ट सर्जन दुनिया के किसी भी कोने पर बैठकर दूर बैठे मरीज की रिमोट सर्जरी कर सकेगा, उसके लिए मरीज का सर्जन के पास होना आवश्यक नहीं होगा | एक्सपर्ट सर्जन कहीं पर भी बैठकर मशीनों को कमांड देगा और स्वचालित मशीनें रोबोटिक आर्म की मदद से सर्जरी करेंगी |
  • 5G नेटवर्क की मदद से गेमिंग इंडस्ट्री में काफी सुधार होगा, इन्टरनेट की स्पीड तेज होने की वजह से एक गेमर बड़े से बड़े गेम को आसानी से खेल पायेगा |
  • Signal interference की वजह से मोबाइल नेटवर्क ठीक से नहीं आ पाते हैं, जिसकी वजह से कालिंग के समय अनेक प्रकार की प्रोब्लम्स का सामना करना पड़ता है | किन्तु 5G नेटवर्क का प्रयोग करके इस प्रकार की किसी भी प्रॉब्लम का सामना नहीं करना पड़ेगा |
  • 5G नेटवर्क आने के बाद स्मार्ट डिवाइसों की संख्या बढेंगी,जिनकी सहायता से मनुष्य का जीवन और भी आसान हो जायेगा |

5G मोबाइल नेटवर्क कितना खतरनाक हो सकता है ?

Disadvantages of 5G network in hindi – जैसा कि आप जानते ही होंगे कि यदि कोई टेक्नोलॉजी मानव जीवन में फायदा पहुँचा रही है, तो उस टेक्नोलॉजी के कुछ नुकसान भी जरूर होंगे | आज हम यहाँ पर 5G technology से होने वाले कुछ नुकसानों के बारे में बात करेंगे |

  • सभी को पता ही है कि 5G नेटवर्क यूजरों को तेज स्पीड इन्टरनेट देने वाला है, किन्तु इसके साथ समस्या यह है कि इस नेटवर्क की रेंज बहुत कम होगी, जिसकी वजह से यूजर को कई प्रकार की कठिनाईयों का सामना करना पड़ सकता है |
  • नेटवर्क की रेंज कम होने की वजह से इस नेटवर्क के लिए ज्यादा से ज्यादा टावरों की आवश्यकता होगी, और रेंज की कमी को दूर करने के लिए जगह- जगह पर छोटे-छोटे टावरों का जाल बिछाया जायेगा |
  • टावरों की संख्या बहुत अधिक होने के कारण इसका मैनेजमेंट मुश्किल होगा |
  • 5G नेटवर्क पुराने हार्डवेयरों पर कार्य नहीं कर पायेगा, इसलिए इस नेटवर्क का प्रयोग करने के लिए नया हार्डवेयर खरीदना पड़ेगा |
  • 5G टेक्नोलॉजी में प्रयोग होने वाली डिवाइसें काफी expensive होंगी, जिन्हें खरीदना थोडा मुश्किल होगा |
  • 5G signals स्वास्थ्य के लिए हानिकारक साबित हो सकते हैं, मुख्यतः ये signal विशेषज्ञों द्वारा स्किन के लिए हानिकारक बताये जा रहेहैं |
  • 5G नेटवर्क आपकी प्रत्येक लोकेशन को ट्रेस करेगा, जिसकी वजह से आपकों अपनी लोकेशन प्राइवेसी के साथ समझौता करना पड़ सकता है |

भारत में कब शुरू हो सकता है 5G नेटवर्क ?

Launch date of 5G technology in hindi – रिलाइन्स ग्रुप के द्वारा एक प्रेस मीट में सूचना दी गयी थी कि रिलाइन्स ने 5G Solution विकसित कर लिया है, जो कि पूरी तरह से भारत निर्मित है | जैसे ही 5G स्पेक्ट्रम उपलब्ध होगा वैसे ही भारत में 5G Solution का ट्रायल प्रारम्भ कर दिया जाएगा |
Department of telecommunication के अनुसार टेलिकॉम ऑपरेटर को 5G टेस्टिंग के लिए सितम्बर 2020 से स्पेक्ट्रम उपलब्ध कराये जाने की सूचना दी गयी है, ताकि वे सभी अपने-अपने 5G नेटवर्क की टेस्टिंग प्रारम्भ कर सकें | पहले यह स्पेक्ट्रम मार्च में उपलब्ध कराया जाना था, किन्तु कोरोना की वजह से इसे टालकर सितम्बर में उपलब्ध कराये जाने के निर्देश दिए गए |

उम्मीद करते हैं कि 5G technology से सम्बंधित सम्पूर्ण जानकारी आपको पसंद आई होगी, यदि आपको लगता है कि यह जानकारी आपके दोस्तों और सगे सम्बन्धियों के काम आ सकती है, तो इस जानकारी को अधिक से अधिक शेयर करें |

धन्यवाद

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